तीन कहानियाँ जो आपकी सोच बदल देगी ! Short Motivational Story In Hindi

चमकीले नीले पत्थर की कीमत

(Short Motivational Story In Hindi)

The price of bright blue stone – Short Motivational Story Hindi

एक शहर में बहुत ही ज्ञानी प्रतापी साधु महाराज आये हुए थे, बहुत से दीन दुखी, परेशान लोग उनके पास उनकी कृपा दृष्टि पाने हेतु आने लगे. ऐसा ही एक दीन दुखी, गरीब आदमी उनके पास आया और साधु महाराज से बोला ‘ महाराज में बहुत ही गरीब हूँ, मेरे ऊपर कर्जा भी है, मैं बहुत ही परेशान हूँ। मुझ पर कुछ उपकार करें’.

साधु महाराज ने उसको एक चमकीला नीले रंग का पत्थर दिया, और कहा ‘कि यह कीमती पत्थर है, जाओ जितनी कीमत लगवा सको लगवा लो। वो आदमी वहां से चला गया और उसे बचने के इरादे से अपने जान पहचान वाले एक फल विक्रेता के पास गया और उस पत्थर को दिखाकर उसकी कीमत जाननी चाही।

फल विक्रेता बोला ‘मुझे लगता है ये नीला शीशा है, महात्मा ने तुम्हें ऐसे ही दे दिया है, हाँ यह सुन्दर और चमकदार दिखता है, तुम मुझे दे दो, इसके मैं तुम्हें 1000 रुपए दे दूंगा। 

वो आदमी निराश होकर अपने एक अन्य जान पहचान वाले के पास गया जो की एक बर्तनों का व्यापारी था. उनसे उस व्यापारी को भी वो पत्थर दिखाया और उसे बचने के लिए उसकी कीमत जाननी चाही। बर्तनो का व्यापारी बोला ‘यह पत्थर कोई विशेष रत्न है में इसके तुम्हें 10,000 रुपए दे दूंगा. वह आदमी सोचने लगा की इसके कीमत और भी अधिक होगी और यह सोच वो वहां से चला आया.

उस आदमी ने इस पत्थर को अब एक सुनार को दिखाया, सुनार ने उस पत्थर को ध्यान से देखा और बोला ये काफी कीमती है इसके मैं तुम्हें 1,00,000 रूपये दे दूंगा।

वो आदमी अब समझ गया था कि यह बहुत अमुल्य है, उसने सोचा क्यों न मैं इसे हीरे के व्यापारी को दिखाऊं, यह सोच वो शहर के सबसे बड़े हीरे के व्यापारी के पास गया।उस हीरे के व्यापारी ने जब वो पत्थर देखा तो देखता रह गया, चौकने वाले भाव उसके चेहरे पर दिखने लगे.  उसने उस पत्थर को माथे से लगाया और और पुछा तुम यह कहा से लाये हो. यह तो अमुल्य है. यदि मैं अपनी पूरी सम्पति बेच दूँ तो भी इसकी कीमत नहीं चुका सकता. 

कहानी से सीख | Learning From The Story

हम अपने आप को कैसे आँकते हैं.  क्या हम वो हैं जो राय दूसरे हमारे बारे में बनाते हैं. आपकी लाइफ अमूल्य है आपके जीवन का कोई मोल नहीं लगा सकताआप वो कर सकते हैं जो आप अपने बारे में सोचते हैं. कभी भी दूसरों के नेगेटिव कमैंट्स से अपने आप को कम मत आकियें।


True Friendship Story In Hindi…सच्ची दोस्ती की कहानी

दोस्ती पर इन कहानियों के माध्यम से जीवन में एक दोस्त की क्या कीमत होती है और दोस्त होने के वास्तविक अर्थ का कहानी के माध्यम से आनंद लें।

रेत पर लिखा – पत्थर पर लिखा

एक दिन दो दोस्त राहुल और केशव बातें करते हुए जा रहे थे, हालाँकि वो दोनों पक्के दोस्त थे पर अचानक किसी बहस में पड़ गए और कहा सुनी में राहुल ने केशव को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ लगने के बाद केशव ने कुछ नहीं कहा बस नीचे पड़ी रेत पर लिख दिया, “मुझे चोट लगी है क्योंकि आज मेरे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा है।”

दो दिन बाद दोनों दोस्त फिर मिले और इस बार उन्होंने नदी में नहाने जाने का प्रोग्राम बनाया। अगली सुबह दोनों नदी में नहाने पहुंचे। तो जब वो नहा रहे थे तो केशव का पैर फिसला और वो डूबने लगा। जब राहुल ने उसे डूबता देखा जो झट से उसे बचाने के प्रयास में लग गया और उसे बचा लिया। बचाए जाने के बाद, केशव ने पत्थर पर लिखना शुरू किया “आज मुझे मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने केशव से पूछा “जब मैंने तुम्हें थप्पड़ मारा तो तुमने रेत पर लिखा और जब मैंने तुम्हें बचाया तो तुमने पत्थर पर लिखा, ऐसा क्यों ?”

इस पर केशव ने जवाब दिया “जब लगे की दोस्त से कोई गलती हुई है, उसने हमें कोई चोट पहुंचाई है या हमें किसी बात का बुरा लगे तो अच्छा होगा कि हम रेत पर लिख दें…

क्योंकि यह हवा के साथ मिट जाएगा लेकिन जब आपका दोस्त आपके साथ कुछ अच्छा करे तो हमेशा पत्थर पर लिखें ताकि इसे हमेशा याद रखा जा सके।

कहानी से सीख !

दोस्तों, जहाँ दोस्ती होती है प्यार होता है वहां थोड़ी बहुत बहस, लड़ाई भी होती है। यदि उस एक बात को हम अपने दिल पर लगा लें तो फिर दोस्ती या कोई भी रिश्ता कैसे चल पायेगा। एक दोस्त आपसे लड़ भी सकता है और आपके लिए लड़ भी सकता है। एक तरह आप उसकी गलती को अज़रअंदाज़ करें तो दूसरी तरह उसकी अच्छाई को हमेशा याद भी रखें।


बैल की पूंछ

एक किसान की बहुत ही सुन्दर बेटी थी। एक नौजवान लड़का उस किसान की बेटी से शादी की इच्छा लेकर किसान के पास आया। उसने किसान की बेटी से शादी करने की इच्छा जताई। किसान ने उसकी ओर देखा और कहा, युवक तुम खेत में जाओ, मैं एक एक करके तीन बैल छोड़ने वाला हूँ। यदि तुम तीनों बैलों में से किसी एक की भी पूँछ पकड़ लो तो मैं अपनी बेटी की शादी तुमसे कर दूंगा।

नौजवान इस आसान शर्त को सुनकर खुश हो गया और खेत में बैल की पूँछ पकड़ने की मुद्रा लेकर खडा हो गया। किसान ने खेत में स्थित घर का दरवाजा खोला। तभी एक बहुत ही बड़ा और खतरनाक बैल उसमे से निकला। नौजवान ने ऐसा बैल पहले कभी नहीं देखा था। अतः उससे डर कर नौजवान ने निर्णय लिया कि वह अगले बैल का इंतज़ार करेगा और वह एक तरफ हो गया जिससे बैल उसके पास से होकर निकल गया।

दरवाजा फिर खुला। आश्चर्यजनक रूप से इस बार पहले से भी बड़ा और भयंकर बैल निकला। नौजवान ने सोचा कि इससे तो पहला वाला बैल ठीक था। फिर उसने एक ओर होकर बैल को निकल जाने दिया।

दरवाजा तीसरी बार खुला। नौजवान के चहरे पर मुस्कान आ गई। इस बार एक छोटा और मरियल बैल निकला। जैसे ही बैल नौजवान के पास आने लगा, नौजवान ने उसकी पूँछ पकड़ने के लिए मुद्रा बना ली ताकि उसकी पूँछ सही समय पर पकड़ ले। पर यह क्या उस बैल की तो पूँछ ही नहीं थी।

कहानी से सीख !

तो दोस्तों, हर एक इंसान कि जिन्दगी अवसरों से भरी हुई है। कुछ सरल हैं और कुछ कठिन। पर अगर एक बार अवसर गवां दिया तो फिर वह अवसर दुबारा नहीं मिलेगा। अतः हमेशा प्रथम अवसर को हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

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2 Responses

  1. Ahir piyush rock says:

    आप भविष्य मे बहुत तेजी से आगे बढ़गे भाईया
    आप अपना सोच ऐसे बनाए रखे
    Thank you ❣️❣️

  2. Vikash Rajput says:

    I love you

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